Aghori Baba Ki Gita

Product Description

इस उपन्यास के मुख्य पात्र के पास भारतीय शास्त्रों और ख़ास तौर से भगवद्गीता से सम्बन्धित कुछ संशय हैं, किन्तु उन संशयों को दूर करने वाला कोई नहीं है। अनायास उसे एक अघोरी बाबा मिलते हैं, जो उसे भगवद्गीता का गूढ़ रहस्य, आज की जीवन-शैली के हिसाब से समझाने की कोशिश करते हैं। किन्तु जब बाबा देखते हैं कि अभी तो इसे भारतीय शास्त्रों का क-ख-ग भी नहीं पता, तो वो अंतर्धान हो जाते हैं। अपनी जिज्ञासा को लिए, वह मुख्य पात्र, अन्य किरदारों – एक भिखारी, एक मेहतर और एक वेश्या से मिलता है, जो उसे भगवद्गीता और शास्त्रों में निहित, व्याकरण, योग, अद्वैत, ‘साइकोलॉजी’ आदि का अद्भुत ज्ञान देते हैं। कैसे एक आम इन्सान को आज के जीवन के सन्दर्भ में एक भिखारी से, एक मेहतर से और एक वेश्या से शास्त्रों का गूढ़ ज्ञान मिला? कैसे इस ज्ञान से उसकी जीवन-शैली में परिवर्तन आया? क्यों उसे ऐसे लगा कि शास्त्रों का ज्ञान पुराना नहीं है, बल्कि आज भी यह जीवन में उतना ही उपयोगी है, जितना शायद पहले कभी रहा होगा। उसे भारतीय शास्त्रों के कौन से रहस्य पता चले, जिन्होंने उसके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन कर दिया? अंत में जान लें कि इस कहानी के मुख्य पात्र खुद आप हैं; आप ही इस किताब के पाठक हैं और आप ही इसके मुख्य पात्र भी। जाइये. अघोरी बाबा बुला रहे हैं |
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About the Author

सन् 1982 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में जन्मे अभिनन्दन शर्मा, डॉ. अशोक शर्मा के सुपुत्र हैं। आपकी 12वीं तक की शिक्षा हाथरस में सम्पन्न हुई और 2005 में आईटीएम कॉलेज, ग्वालियर से आपने इन्जिनीयरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रूमेंटेशन) की शिक्षा प्राप्त की। विभिन्न कम्पनियों में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएँ देने के बाद आप वर्तमान में, दिल्ली में स्थित जापानी कम्पनी में, असिस्टेंट मैनेजर (सेल्स) के पद पर कार्यरत हैं। अभिनन्दन शर्मा अपने पिताजी द्वारा स्थापित ‘पंडित बैजनाथ शर्मा प्राच्य विद्या शोध संस्थान, हाथरस’ में अपने भाइयों के साथ मिलकर संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं और स्वयं सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु, मौलिक लेख व विचार, सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से साझा करते रहते हैं। आप अपने पेसबुक पेज ‘शास्त्र-ज्ञान’ पर नियमित लेख लिखते हैं और इसी नाम से एक ब्लॉग भी बना रखा है। ‘अघोरी बाबा की गीता’ उपन्यास-शृंखला का पहला भाग आपके हाथों में है, आगे इसके कई खण्ड आयेंगे।