Ek Aur Taj

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यह कहानी है हितेश और रागिनी की। हितेश एक ऐसा लड़का, जिसे हमेशा पब्लिसिटी में रहना पसंद है, जिसे उसके दोस्त बहुत प्यार करते हैं, जो अपने कॉलेज में एक हीरो की ज़िन्दगी जीता है; जो चाहता है, सारा कॉलेज बिल्कुल वैसे चले, जैसा वो चाहे। अब हीरो है तो उसकी एक हिरोइन भी होनी चाहिये। फिर उसे एक दिन अपनी हिरोइन रागिनी मिल जाती है और उसकी लव स्टोरी शुरू होती है। वह सोचता है यह टाइम पास है, कॉलेज छोड़ने के बाद वह अपनी लव स्टोरी भी समाप्त कर देगा। रागिनी एक ऐसी लड़की, जो अपनी शर्तों पर जीना चाहती है। वो अपनी ज़िन्दगी के बड़े-से-बड़ा फैसले खुद लेती है, वो केवल अपने आप से प्यार करती है। उसका मानना है, जब लड़के फ्लर्ट कर सकते हैं तो लड़कियाँ क्यों नहीं। उसे फ्लर्ट करने के लिए जो लड़का मिलता है, उसका नाम है हितेश। इसके बाद वो दोनों बहुत खुश थे। हितेश को लगता था, रागिनी बस उसके लिए टाइम पास है और रागिनी को लगता था, फ्लर्ट करने के लिए हितेश से अच्छा भला कौन मिलेगा। लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है, जब उनके दिल के अंदर दो इडियट्स जन्म ले लेते हैं। वो इडियट, जो आपस में एक-दूसरे को बहुत प्यार करते हैं, वो इडियट, जो सिर्फ एक-दूसरे के लिए बने हैं। तो क्या वो इडियट कभी उन दोनों को आपस में मिला पायेंगे? क्या हितेश और रागिनी कभी उनको पहचान पायेंगे? क्या वो कॉलेज खत्म होने के बाद बिछुड़ जायेंगे? उन दोनों इडियट्स की लव स्टोरी में क्या होगा?

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About the Author

अक्सर बच्चों का सपना होता है कि वो बड़े होकर डॉक्टर या इंजीनियर बनेंगे मगर हेमंत का सपना था कि बड़े होकर वो लेखक बनेंगे. जब उनकी उम्र के बच्चे कॉमिक्स पढ़ रहे थे. तभी उन्होंने प्रेमचन्द को पढ़ना शुरू कर दिया था. जब उनके स्कूल के साथी मैगजीन में अपनी कहानियाँ और कविताएँ देते तो उनका भी मन करता. लेकिन वो कभी हिम्मत नही जुटा पाते. उनका लिखा या तो उनकी रफ कॉपी का हिस्सा बन कर रह जाता या उनकी जेब में पड़े-पड़े धुल जाता. मगर जो नहीं धुला था वो था उनका रायटर बनने का सपना. उनके सपनों को पंख तब लगे जब एक खूबसूरत चाँद जैसे चेहरे ने उनसे कहा ‘तुम तो एक लेखक हो, कभी अपनी प्रेम कहानी भी लिखना’. यह वही चेहरा था जो उन्हें किताबों में दिखता था. यह वही चाँद था जो उन्हें आसमान में नहीं अपने कॉलेज में मिला था. हेमंत के पिता एक सरकारी ऑफिसर थे, जिनका हर तीन साल में ट्रांसफर होता था. इसलिए उनका बचपन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बीता. मेरठ से ग्रेजुशन करने के बाद हेमंत एक मल्टीनेशनल कम्पनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं|