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Ghazal ki babat

Book description

इस पुस्तक को ग़ज़ल का ककहरा सीखने वालों के लिए मानक ग्रन्थ कहा जा सकता है। कई संस्करण तथा हज़ारों की संख्या में बिक चुकी यह किताब विशेषकर देवनागरी में ग़ज़ल कहने वालों के लिए किसी उस्ताद से कम नहीं है। नए सीखने वालों की तलाश इस पुस्तक पर आकर ख़त्म होती है क्योंकि अब वे स्वयं अपनी ग़ज़लों की इस्लाह कर सकते हैं। ग़ज़ल के बारे में देवनागरी में बिखरा-बिखरा बहुत कुछ ज्ञान मिल जाता है लेकिन बहुत सी अंदरूनी बातें नहीं मिलतीं जो इस पुस्तक में आ गयी हैं। यह ‘ग़ज़ल की बाबत’ का पेपरबैक संस्करण है जिसमें सभी मूल पाठों को रखा गया है।

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About the author

इलाहाबाद में पुस्तक व्यवसाय से जुड़े वीनस केसरी स्वयं युवा ग़ज़लकार है तथा न केवल ग़ज़ल की बारीकियों की गहरी समझ रखते हैं, आप हमेशा इस जानकारी को अन्य साथियों के साथ साझा करने के लिये भी तत्पर रहते हैं। जब अरूज़ की बात होती है, तो देवनागरी में इतने विस्तार के साथ ग़ज़ल के व्याकरण को सरल भाषा में प्रस्तुत करने के कारण वीनस केसरी की पुस्तक ‘ग़ज़ल की बाबत’ ही ग़ज़ल के पुरोधाओं की पहली पसंद है|

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