प्रियंका ओम

‘रेडग्रैब बुक्स’ से जुड़ना, एक नए परिवार से जुड़ने जैसा लगा. जहाँ व्यवसायिकता के साथ-साथ साहित्यिक संवेदनाओं को भी पूरा महत्व दिया जाता है. ‘बेस्टसेलर की दौड़’ के युग में रचनाधर्मिता को सम्मान देने वाला ‘रेडग्रैब बुक्स’ एक अलहदा ही प्रकाशन परिवार है.

Sandeep Sharma

I could not even dreamt to have a better publisher than Redgrab books. They stood next to me on every step and helped my book grow in every aspect.

हफ़ीज़ क़िदवई

अमूमन जब प्रकाशकों और लेखकों के बीच रोज़ उठा-पटक रहती है तब ‘रेडग्रैब बुक्स’ इस माहौल को तोड़ता है। मुझे ख़ुशी है की ‘रेडग्रैब बुक्स’ का साथ खूबसूरत, भरोसेमन्द और ईमानदार रहा है। उच्चकोटि की सामग्री छापने, उसके प्रचार और प्रसार के साथ ही लेखक-प्रकाशक-पाठक का खूबसूरत मिसाली जोड़ बनकर उभरा है ‘रेडग्रैब बुक्स’। प्रकाशन […]